सिम्स में 225 मरीजों का नहीं हुआ एक्स-रे, दर्जनों का ऑपरेशन टला
बिलासपुर। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सिम्स में सोमवार को स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ा गई। अस्पताल की एक्स-रे मशीन अचानक खराब हो जाने से पूरे दिन जांच सेवा बंद रही। इसका सीधा असर मरीजों के इलाज पर पड़ा। रोजाना होने वाली करीब 225 एक्स-रे जांच नहीं हो सकीं, जबकि जांच रिपोर्ट के अभाव में दर्जनों मरीजों के ऑपरेशन भी टालने पड़े। दूर-दराज के जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों से इलाज के लिए पहुंचे मरीज और उनके परिजन दिनभर भटकते रहे, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली।
सिम्स में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज एक्स-रे जांच के लिए पहुंचते हैं। सोमवार सुबह मशीन में आई तकनीकी खराबी के बाद जांच कार्य पूरी तरह ठप हो गया। डॉक्टरों ने जिन मरीजों के ऑपरेशन तय किए थे, उनकी जरूरी जांच नहीं हो पाने से ऑपरेशन आगे बढ़ाने पड़े। कई मरीज दर्द और तकलीफ के बावजूद इलाज का इंतजार करते रहे।
अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतार लगी रही। कई लोगों को घंटों इंतजार के बाद यह कहकर लौटा दिया गया कि मशीन खराब है। मरीजों का कहना है कि प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में इस तरह की स्थिति बार-बार सामने आना गंभीर चिंता का विषय है। समय पर जांच नहीं मिलने से इलाज प्रभावित हो रहा है और मरीजों का भरोसा भी कमजोर पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मशीन को जल्द ठीक कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, लेकिन पूरे दिन सेवा बहाल नहीं हो सकी।
निजी सेंटर का सहारा, बढ़ा आर्थिक बोझ
सरकारी अस्पताल में एक्स-रे सुविधा बंद होने के कारण कई मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों में जांच करानी पड़ी। जहां सरकारी अस्पताल में कम खर्च या निःशुल्क सुविधा मिलती है, वहीं निजी सेंटरों में जांच के लिए अधिक राशि चुकानी पड़ी। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई।
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बरसात में फिर खुली सिम्स की बदहाल व्यवस्था
सोमवार को हुई बारिश में अस्पताल के कई स्थान
और गलियारों में पानी टपकने व जलभराव की स्थिति बन गई। मरीजों और उनके परिजनों को भीगे फर्श से होकर गुजरना पड़ा। इलाज के साथ बुनियादी सुविधाओं की कमी ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए।
